'फिल्म पुष्पा इफेक्ट' जब्त किए गए लाल चंदन से आर्थिक हालत सुधारेगी आंध्र प्रदेश की सरकार
Andhra Government to sell red shoe: आंध्र प्रदेश की सरकार ने जब्द की गई बेशकीमती लाल चंदन की लकड़ी को बेचकर राज्य की माली स्थिति सुधारने में लगी है. अब तक 2000 करोड़ रुपये की लकड़ी बेचा जा चुका है. लाल चंदन आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में कडपा और चित्तूर जिलों के जंगलों में पाया जाता है. यह लकड़ी एक ऐसा उत्तम उत्पाद है, जिसके निर्यात की जबरदस्त संभावनाएं हैं लेकिन इसकी तस्करी बड़े पैमाने पर की जा रही है.
अमरावती. आर्थिक तंगहाली से जूझ रही आंध्र प्रदेश की सरकार अब बेशकीमती लाल चंदन की लकड़ी का निर्यात कर अपनी माली हालत सुधारेगी. इसके लिए सरकार लाल चंदन की तस्करी रोके जाने की जद्दोजहद में जुटी है. इसके लिए राज्य सरकार जब्त की गई इस बेशकीमती लकड़ी का निपटारा कर बड़ी राशि जुटाना चाहती है. लाल चंदन आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में कडपा और चित्तूर जिलों के जंगलों में पाया जाता है. यह लकड़ी एक ऐसा उत्तम उत्पाद है, जिसके निर्यात की जबरदस्त संभावनाएं हैं लेकिन इसकी तस्करी बड़े पैमाने पर की जा रही है. खासतौर पर, लाल चंदन की तस्करी कर इसे चीन भेजा जाता है. हाल में आई फिल्म 'पुष्पा' ने लाल चंदन से जुड़े तस्कर माफिया और इसमें ताकतवर लोगों की संलिप्तता को उजागर किया है.
तस्कर विरोधी अभियान में कर्मियों की भारी कमी
एक तरफ सरकार चंदन तस्करों पर शिकंजा कसना चाहती है तो वहीं, दूसरी और राज्य में लाल चंदन तस्कर-रोधी कार्यबल कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है, जहां स्वीकृत संख्या के आधे से भी कम कर्मचारी तैनात हैं. इसके अलावा, सात वर्ष - 2019-20 से 2025-2026 के लिए शुरू की गई लाल चंदन संरक्षण योजना के लिए 485 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया लेकिन शुरुआती तीन वर्षों में केवल 11.17 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए. वन विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, "बेस कैंप में सुविधाएं उपलब्ध कराने और संरक्षण कर्मियों का भुगतान करने के लिए हमे धन चाहिए.
जब्त किए गए चंदन से दो हजार करोड़
अधिकारी ने कहा, वायरलेस संचार नेटवर्क में सुधार, कर्मचारियों के रहने के लिए कमरों का निर्माण और श्वान दस्ते गठित करने समेत कुछ अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित हैं, लेकिन धन की कमी लाल चंदन संरक्षण योजना के कार्यान्वयन में बाधा बन रही है. लाल चंदन के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश वन विभाग की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस कीमती लकड़ी के संरक्षण के वास्ते गठित बल के लिए बुनियादी ढांचा तक उपलब्ध नहीं है जबकि केवल जब्त किए गए लाल चंदन की बिक्री से अब तक राज्य सरकार को करीब 2,000 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है.

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